सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

प्रश्न - समाचार पत्रों के लिए आवश्यक तत्व क्या है ?

उत्तर -
             समाचार के लिए आवश्यक तत्व जानने से पहले हम ये बता दे कि समाचार क्या है ,वैसे तो समाचार को प्रभाषित करना आसान नहीं है। फिर भी हम कह सकते हैं की समाचार हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसके बिना हम एक सही समाज की कल्पना नहीं कर सकते हैं। अतः समाचार हमारे समाज ,राज्य ,देश और विदेश के सार्थक घटना का  त्वरित उल्लेख हो सकता है।
               उपरोक्त बातो को पूरा करने के लिए आवश्यक तत्व निम्न है :-
1. स्पष्टता :-
                  किसी भी समाचार पत्र को अपने लेखन में छोटे -छोटे वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए और लेखन शुध्द एवं स्पष्ट हो।  जिससे पाठकों  का रूचि  बना रहे।

2. नूतनता:-
                कोई भी समाचार तभी पाठक  को अपनी ओर खिंच सकती है , जब वो सदैव ताजा घटनाओ का वर्णन हो।

3. उदेद्श्य :-
                  किसी भी समाचार  पत्रिका का मुख्य उदेश्य होनी चाहिए की वो सदैव किसी घटना को पाठक के समक्ष सत्यता के साथ प्रस्तुत करे , जिससे समाचार एजेंसी पाठक का भरोषा जीत सके या पाठक पत्रिका में अपनी भरोषा बनाये रखे। लेखन में हमेशा अपनी सोच से बचना चाहिए एवं निष्पक्षता निभाना चाहिए।

4. समानता:-
                 कोई भी समाचार अगर ऐसी घटना से सम्बंधित हो जो दो पक्ष के बारे में हो तो वहां लेखन में किसी भी पक्ष में लिखने से बचना चाहिए।  ऐसी स्तिथि में जो सार्थक हो वही लिखना चाहिए। जिससे समाचार की सत्यता बानी रहे।

5. समीपता:-
                 पाया गया है कि पाठक ज्यादातर आस-पास के समाचारो में रूचि रखता है , अतः समाचार लेखन में आस -पास के समाचारों को तरहीज़ देना चाहिए।

6. मनोरंजन:-
                    आज के ज़माने में ये मनोरंजन किसी भी पत्रिका का महत्वपूर्ण अंग बन गया , अतः पाठक को बनाये रखने के लिए खेल,फिल्म  एवं अन्य मनोरंजन को अपने समाचार में जगह देनी चाहिए।

7. शिक्षा :-
              आज समाचार में इसका स्थान प्रमुख हो गया है क्योंकि युवा वर्ग को अपने ओर खिचे रहते हैं , अतः समय -समय पर होने वाले तकनिकी खोज को समाचार में प्रमुखता से स्थान देनी चाहिए

8. यथार्थ :-
           किसी भी समाचार में यथार्थता की बुनियादी जरूरत है। यदि आप यथार्थता को नजरअंदाज करेंगे तो आप पाठकों का विश्वास ग्रहण नहीं कर पाएंगे। इसलिए अपने लेख की जानकारियों तथा तथ्यों की बार-बार जांच करना आवश्यक है। नामों को, आंकड़ों तथा तथ्यों को शुद्धता के साथ लिखें। छोटी-छोटी गलतियों से बचे रहिए।